दूर तक छाँव
धूप की मीनारों की,
कतरों की, बूंदों की
अंधेरे की दीवारों की,
यादों के दरख़्त
आँखें उनमें गुम,
तस्वीरों के जंगल
और उनके बीच
सिर्फ तुम...
धूप की मीनारों की,
कतरों की, बूंदों की
अंधेरे की दीवारों की,
यादों के दरख़्त
आँखें उनमें गुम,
तस्वीरों के जंगल
और उनके बीच
सिर्फ तुम...