Sunday, 31 July 2016

शादी के बाहर प्रेम



हाँ शादी के बाहर होता है प्रेम,
और अक्सर शादी के बाहर ही होता है,
कहते हैं कि जोड़ियाँ बनती हैं आसमान में
शायद आसमान को कभी प्रेम नहीं हुआ होगा,

शादियाँ होती हैं इंसानों में
और प्रेम भूखों में,

हवस के भूखो में
सहानुभूति के भूखो में
अपनापा, नरमी, वहशीपन,
हिंसा, दया, जंगलीपन के भूखों में,

क्योंकि भूख का एक ही इलाज बना है आज तक
तृप्ति
और प्रेम रास्ता है तृप्ति का

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