वो दीवारें जिनके दरमियान घर होते हैं,
अक्सर छूट जाती हैं,
और मिलती हैं सूनी दीवारें हर बार...
हम सजाते हैं सफ़ेद चपटी सतहें ,
बनाते हैं घर उन खाली दीवारों से,
और जब आने लगती है उनमें घर जैसी खुशबू,
तब फिर छोड़नी पड़ती हैं वो दीवारें...
अक्सर छूट जाती हैं,
और मिलती हैं सूनी दीवारें हर बार...
हम सजाते हैं सफ़ेद चपटी सतहें ,
बनाते हैं घर उन खाली दीवारों से,
और जब आने लगती है उनमें घर जैसी खुशबू,
तब फिर छोड़नी पड़ती हैं वो दीवारें...
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